सोमवार, 7 नवंबर 2011

ईद पर तस्लीमा का तोहफा


जहां एक ओर पूरी दुनिया बकरीद मनाने में व्यस्त है तो वहीं, एक मुस्लिम लेखिका ने न सिर्फ कुर्बानी बल्कि खुदा पर भी सवाल खड़ा कर दिया है।
यह लेखिका और कोई नहीं बल्कि बांग्लादेश की विवादित लेखिका तस्लीमा नसरीन हैं। तस्लीमा ने कई बार अपनी कलम और जुबान के माध्यम से मुसलमानों की भावनाओं को भड़काया है। 
तस्लीमा कहती हैं कि ऐसा खुदा, जो लाखों-लाख जानवरों का खून मांगता हो, वह क्या महान है? तस्लीमा इतने पर ही नहीं रूकीं। वह कहती हैं कि खुदा तुम महान हो, यह कहने की कोई आवश्यकता नहीं है। जबकि खाने के बेजुबान जानवरों को मार रहे हो। ये बेजुबान जानवर अल्लाह में यकीन नहीं करते हैं। बस भगवान की जगह इनसे माफी मांगने की आवश्यकता है। 
इससे पहले नसरीन ने महिलाओं को लेकर एक ट्वीट किया था  जिसमें उन्होंने कहा है कि मुस्लिम महिलाएं धरती पर 72 कुंवारे पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध बना सकती हैं,क्‍योंकि जन्‍नत में उन्‍हें यह नसीब नहीं होगा। 

9 टिप्‍पणियां:

  1. sahi kaha unhone.. mai samarthan karta hu unka..asal me islam me unke najariye ko bhi galat thahra sakte.. jab mardo ke lie hoor milti hai to unhe bhi hoora miln achahiye na?

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  2. Vijay Mishra
    1:04am
    सुर्ख़ियों में बने रहने की जिद ही है जो एक दिन इन्हे दुनिया से ले डूबेगी,

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  3. मुझे तो इनके कथन में कोई खराबी नहीं दिखती , खुले विचारों की है ,सच बात कहने में नहीं डरती .

    शाजिया, मुंबई

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  4. तस्लीमा ही नहीं रुश्दी भी कुछ ऐसा कहते हैं कि सामान्य मुस्लिमों को बर्दाश्त नहीं होता.अब इसे क्या करेंगे ?

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  5. allah ne hazrat ibrahim ka imtihaan liya to unhone apne sabse aziz bete ko allah ki raah me kurbaan kiy. ye to allah ki marzi thi ki bete ismile ki jagah dumba kat gaya. magar allah ke bande aaj ke musalmano ko batana chahiye ki kya unhe allah ke baad sabse aziz bhed, bakariya hi hain. aise me hazrat ibrahim ki nakal karke lakho bezuban jaanwaro ko mout ke ghat utaar dena aakhir koun si bandagi hai?

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    1. sahi kaha aapne kise ko hak nahi hai prkate se khelne ka bhed bakriya to uparwale ki den hai ager bli hi deni hi to immam sahab ki tarh kio nahi dete bechre byjuban bhed bakriyo ko kio kurban karte hai darna chhiye unko uper wale ke kahar se ki usne kabhi nahi kaha yaide karne ko...........

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  6. Ye kahaan ka nyaay hai..ki hm bejubaan jaanwaron ko maarkr apna sareer balisth banaayein..

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